लोन की EMI कैसे निकालें
EMI (Equated Monthly Installment) वह तय मासिक रकम है जो लोन की अवधि तक चुकाते हैं। हिसाब के लिए तीन चीज़ें चाहिए: मूल राशि (P), सालाना ब्याज दर, और महीनों की संख्या (n)। मासिक दर r = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100 मानकर किस्त निकलती है।
फॉर्मूला सादे शब्दों में
EMI = P × r × (1 + r)^n / ((1 + r)^n − 1)
कुल भुगतान EMI × n होता है, और कुल ब्याज लगभग कुल भुगतान में से मूल निकालकर मिलता है। स्क्रीन पर रुपये राउंड कर लें, हिसाब के दौरान ज्यादा दशमलव रखें।
यह अनुमान है। बैंक की ब्याज दर, फीस, या कंपाउंडिंग का तरीका अलग हो तो किस्त बदल सकती है।
काल्पनिक उदाहरण (असली बैंक ऑफर नहीं)
सिर्फ समझने के लिए ये काल्पनिक आँकड़े हैं, किसी बैंक की मौजूदा दर नहीं:
| इनपुट | मान |
|---|---|
| मूल राशि | ₹5,00,000 |
| सालाना दर (उदाहरण) | 10% |
| अवधि | 3 साल (36 महीने) |
मासिक किस्त ≈ ₹16,133.59. 36 महीनों में कुल ≈ ₹5,80,809.42, जिसमें ≈ ₹80,809.42 ब्याज है।
ब्राउज़र में खुद हिसाब करें
मूल, दर और अवधि बदलकर किस्त और ब्याज का ब्योरा देखें।
नतीजा पढ़ते समय
किस्त को सैलरी के अनुपात से देखें, सिर्फ सबसे छोटी किस्त न चुनें। छूट या परसेंटेज वाले मुकाबले के लिए परसेंटेज कैसे निकालें मददगार है। लोन की दो तारीखों के बीच सटीक अंतर के लिए तिथि अंतर कैलकुलेटर देखें। पूरा पेज: EMI कैलकुलेटर।
जाँच सूची
- बैंक की कंपाउंडिंग, फीस और शेड्यूल का असल तरीका आपके करार के अनुसार हो सकता है
- मार्केट या किसी बैंक की मौजूदा दर यहाँ दावे के तौर पर नहीं लिखी गई; उदाहरण काल्पनिक है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
EMI में क्या शामिल होता है?
आमतौर पर मासिक किस्त में मूलधन का हिस्सा और ब्याज दोनों होते हैं। प्रोसेसिंग फीस या इंश्योरेंस अक्सर अलग होती है, इसलिए बैंक के शेड्यूल से मिला लें।
अवधि बढ़ाने से किस्त क्यों छोटी लगती है?
महीने ज्यादा होने से हर किस्त छोटी हो सकती है, लेकिन कुल चुकाया ब्याज आमतौर पर बढ़ जाता है। सिर्फ किस्त नहीं, कुल भुगतान भी देखें।
क्या यह हिसाब अंतिम बैंक किस्त है?
नहीं। यह शैक्षिक अनुमान है। असल दर, फीस और शर्तें लेंडर के हिसाब से बदलती हैं। साइन करने से पहले बैंक से पुष्टि ज़रूरी है।
समय से पहले भुगतान का असर क्या होता है?
अतिरिक्त रकम मूलधन पर लगे तो बैलेंस जल्दी घट सकता है और ब्याज कम पड़ सकता है। बैंक की प्रीपेमेंट पॉलिसी अलग जाँचें।
ब्याज दर कहाँ से लें?
अपने बैंक या फाइनेंस कंपनी की मौजूदा ऑफर से। यहाँ कोई मार्केट रेट दावे के तौर पर नहीं दी गई।